PDFSource

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan PDF in Hindi

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan Hindi PDF Download

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan Hindi PDF Download for free using the direct download link given at the bottom of this article.

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan PDF Details
ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan
PDF Name ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan PDF
No. of Pages 9
PDF Size 1.31 MB
Language Hindi
CategoryEnglish
Source pdffile.co.in
Download LinkAvailable ✔
Downloads17
If ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan Hindi

नमस्कार पाठकों, इस लेख के माध्यम से आप ध्वनि प्रदूषण PDF / Dhwani Pradushan in Hindi PDF प्राप्त कर सकते हैं। अत्यधिक शोर को ध्वनि प्रदूषण के नाम से जाना जाता है। आजकल ध्वनि प्रदूषण पूरी दुनिया में फैला हुआ है। दूसरे शब्दों में आप किसी भी प्रकार के अनुपयोगी ध्वनियों को (ध्वनि प्रदूषण) कहते हैं, जिससे मानव और जीव जन्तुओं को अत्यधिक समस्या होती है।

ध्वनि प्रदूषण कई कारणों से होता है, जिसमें से यातायात के कारण उत्पन्न होने वाला शोर ध्वनि प्रदूषण का मुख्य कारण माना जाता है। दुनिया भर में सबसे ज्यादा शोर के स्रोत परिवहन प्रणालियों, मोटर वाहन का शोर है, किंतु इसमें वैमानिक शौर-शराबा तथा (aircraft noise) रेल से होने वाला शोर भी शामिल है। ध्वनि प्रदूषण के बारे में और अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दी हुई पीडीएफ़ को डाउनलोड करें।

ध्वनि प्रदूषण PDF / Noise Pollution in Hindi PDF

  • ध्वनि प्रदूषण उस स्थिति में उत्पन्न होता है जब पर्यावरण में आवाज का स्तर सामान्य स्तर से बहुत अधिक होता है। पर्यावरण में अत्यधिक शोर की मात्रा जीने के उद्देश्य से असुरक्षित है। कष्टकारी आवाज प्राकृतिक सन्तुलन में बहुत सी परेशानियों का कारण बनती है।
  • तेज आवाज या ध्वनि अप्राकृतिक होती है और अन्य आवाजों के बाहर जाने में बाधा उत्पन्न करती है। आधुनिक और तकनीकी के इस संसार में, जहां सब कुछ घर में या घर के बाहर बिजली के उपकरणों से संभव है, ने तेज ध्वनि के खतरे के अस्तित्व में वृद्धि कर दी है।
  • भारत में औद्योगिकीकरण और शहरीकरण की बढ़ती हुई मांग लोगों में अवांछित आवाज के प्रदर्शन का कारण हैं। रणनीतियों का समझना, योजना बनाना और उन्हें प्रयोग करना ध्वनि प्रदूषण को रोकना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
  • वो आवाज जिसका हम प्रतिदिन निर्माण करते हैं जैसे, तेज संगीत सुनना, टीवी, फोन, मोबाइल का अनावश्यक प्रयोग, यातायात का शोर, कुत्ते का भौंकना, आदि ध्वनि उत्पन्न करने वाले स्त्रोत शहरी जीवन का एक अहम हिस्सा होने के साथ ही सबसे ज्यादा परेशान करने वाले, सिर दर्द, अनिद्रा, तनाव आदि कारण बनता हैं।

ध्वनि प्रदूषण के कारक या कारण / Dhwani Pradushan Ke Karan

  • औद्योगिकीकरण ने हमारे स्वास्थ्य और जीवन को खतरे पर रख दिया है क्योंकि सभी (बड़े या छोटे) उद्योग मशीनों का प्रयोग करते हैं जो बहुत ज्यादा मात्रा में तेज आवाज पैदा करती है। कारखानों और उद्योगों में प्रयोग होने वाले अन्य उपकरण (कम्प्रेशर, जेनरेटर, गर्मी निकालने वाले पंखे, मिल) भी बहुत शोर उत्पन्न करते हैं।
  • सामान्य सामाजिक उत्सव जैसे शादी, पार्टी, पब, क्लब, डिस्क, या पूजा स्थल के स्थान मन्दिर, मस्जिद, आदि आवासीय इलाकों में शोर उत्पन्न करते हैं।
  • शहरों में बढ़ते हुए यातायात के साधन (बाइक, हवाई जहाज, अंडर ग्राउंड ट्रेन आदि) तेज शोर का निर्माण करते हैं।
  • सामान्य निर्माणी गतिविधियाँ (जिसमें खानों, पुलों, भवनों, बांधो, स्टेशनों, आदि का निर्माण शामिल है), जिसमें बड़े यंत्र शामिल होते हैं उच्च स्तर का शोर उत्पन्न करते हैं।
  • दैनिक जीवन में घरेलू उपकरणों का उपयोग ध्वनि प्रदूषण का मुख्य कारण है।

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव / Dhwani Pradushan Ke Prabhav

  • ध्वनि प्रदूषण से बहुत सी सुनने की समस्याएं (कान के पर्दों का खराब होना और स्थायी रुप से सुनने की क्षमता का ह्रास होना) अवांछित आवाज के कारण होती हैं।
  • यह कानों की ध्वनि संवेदनशीलता को कम करता है जो शरीर नियंत्रित रखने में सहायक होती है।
  • जंगली जानवरों के जीवन को प्रभावित करके उन्हें बहुत आक्रामक बनाता है।

ध्वनि प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव

  • शोर स्वास्थ्य प्रभाव (Noise health effects) दोनों की प्रकृति स्वास्थ्य और व्यवहार (behavioral) जैसी होती है। पसंद न की जाने वाली ध्वनि को ध्वनि शोर-शराबा कहा जाता है। यह अवांछित ध्वनि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को हानि पहुंचा सकती है।
  • ध्वनिक प्रदूषण चिड़चिड़ापन एवं आक्रामकता के अतिरिक्त उच्च रक्तचाप, तनाव, कर्णक्ष्वेड, श्रवण शक्ति का ह्रास, नींद में गड़बड़ी और अन्य हानिकारक प्रभाव पैदा कर सकता है।
  • शोर-शराबा का उच्च स्तर ह़दय संबंधी रोगों (cardiovascular) को जन्म दे सकता है तथा आठ घंटके की एकल अवधि के दौरान माध्यमिक उच्च स्तर केप्रभाव में आने से रक्त चाप में पांच से दस बिंदुओं तक की वृद्धि तथा तनाव (stress) एवं वेसोकन्सट्रिक्शन (vasoconstriction) में बढोतरी हो सकती है।
  • जिससे उच्च रक्तचाप (increased blood pressure) के साथ-साथ कोरोनरी आर्टरी रोग हो सकते हैं।
  • शोर प्रदूषण चिड़चिड़ेपन का भी एक कारण है। स्पेन के शोधकर्ताओं द्वारा 2005 में किए गए एक अध्ययन में पाया है कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले घरेलू लोग ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने के लिए प्रति वर्ष लगभग चार यूरोस खर्च करना चाहते हैं।

ध्वनि प्रदूषण का पर्यावरण पर प्रभाव

  • शोर-शराबा पशुओं में तनाव पैदा करने, प्रीडेटर/शिकार की पहचान तथा बचाव एवं प्रजनन एवं नेवीगेशन के संबंध में सम्प्रेषण के समय ध्वनि के उपयोग के साथ हस्तक्षेप द्वारा नाजुक संतुलन कोपरिवर्तित करते हुए जानवरों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।
  • अधिक देर तक ध्वनिक प्रतिछाया में बने रहने से अस्थायी या स्थायी तौर पर श्रवण शक्ति का ह्रास हो सकता है।
  • पशु जीवन पर शोर-शराबे का प्रभाव उपयोग हेतु आवास में कमी (reduction of usable habitat) ला सकता है जो शोर शराबे वाले क्षेत्रों के कारण हो सकता है तथा जो खतरे में पड़ी प्रजातियों के मामले में विलुप्तीकरण (extinction) के मार्ग का एक भाग हो सकता है।
  • ध्वनि प्रदूषण के कारण होने वाली क्षति के सर्वोत्तम ज्ञात मामलों में से एक समुद्री व्हेल (beached whale) की कुछ विशेष प्रजातियों की मृत्यु होती है जिन्हें सेना की तोपों की भंयकर गर्जना अर्थात सोनार द्वारा समुद्र के किनारे ला दिया जाता है।
  • जेब्रा फिंच (Zebra finch) यातायात के कारण पैदा होने वाले शोर शराबे के संपर्क में आते समय अपने सहयोगियों के साथ तुलनात्मक रूप से कम विश्वस्नीय रह जाता है।

ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपाय / Dhwani Pradushan Rokne Ke Upay

  • पर्यावरण में असुरक्षित आवाज के स्तर को नियंत्रित करने के लिये लोगों के बीच में सामान्य जागरुकता को बढ़ाना चाहिये
  • प्रत्येक के द्वारा सभी नियमों को गंभीरता से माना जाना चाहिये।
  • घर में या घर के बाहर जैसे: क्लब, पार्टी, बार, डिस्को आदि में अनावश्यक शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों के प्रयोग को कम करना चाहिये।
  • ध्वनि प्रदूषण के कई निवारक उपाय हैं जैसे, उद्योगों में साउड प्रूफ कमरों के निर्माण को बढ़ावा देना चाहिए
  • उद्योग और कारखानें आवासीय इमारत से दूर होनी चाहिए
  • मोटरसाइकिल के खराब हुये पाइपों की मरम्मत होनी चाहिए
  • शोर करने वाले वाहनों पर प्रतिबंध होनी चाहिए
  • हवाई अड्डों, बस, रेलवे स्टेशनों और अन्य परिवहन टर्मिनलों का आवासीय स्थलों से दूर होना चाहिए
  • शैक्षणिक संस्थानों और हॉस्पिटल्स के आसपास के इलाकों को आवाज-निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया जाये
  • सड़को पर शोर के कारण उत्पन्न होने वाले ध्वनि प्रदूषण को अवशोषित करने के लिये रिहायसी इलाकों के आस-पास हरियाली लगाने की अनुमति देनी चाहिये।
नीचे दिये गए लिंक का उपयोग करके आप ध्वनि प्रदूषण PDF / Dhwani Pradushan in Hindi PDF को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan PDF Download Link

Report This
If the download link of Gujarat Manav Garima Yojana List 2022 PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If ध्वनि प्रदूषण | Dhwani Pradushan is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

Leave a Reply

Your email address will not be published.