दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa PDF in Hindi

दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa Hindi PDF Download

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दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa PDF Details
दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa
PDF Name दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa PDF
No. of Pages 7
PDF Size 0.70 MB
Language Hindi
CategoryReligion & Spirituality
Source pdffile.co.in
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दुर्गा चालीसा PDF | Durga Chalisa Hindi

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी के लिए दुर्गा चालीसा PDF / Durga Chalisa PDF in Hindi प्रदान करने जा रहे हैं। सनातन हिन्दू धर्म में दुर्गा चालीसा को बहुत अधिक महत्वपूर्ण स्तुति माना जाता है। दुर्गा चालीसा में चालीस चौपाई होने के कारण ही इसे चालीसा कहा जाता है। दुर्गा चालीसा माता दुर्गा जी को समर्पित है। दुर्गा माता के बहुत से भक्त दुर्गा चालीसा का जाप प्रतिदिन करते हैं।

लेकिन दुर्गा चालीसा का सबसे अधिक पाठ नवरात्रि के पर्व के समय देवी माँ की पूजा के अंतर्गत किया जाता है। दुर्गा चालीसा का पाठ करके दुर्गा माँ को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है। इस दिव्य चालीसा का पाठ करने से दुर्गा माता भक्तों पर विशेष कृपा करती हैं। इस चालीसा के पाठ करने से आपके घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है एवं जीवन के सभी कष्टों का तत्काल ही निवारण हो जाता है।

ऐसा माना जाता है कि विभिन्न हिंदू धार्मिक पुस्तकों में भी श्री दुर्गा चालीसा के पाठ के महत्व का विशेष वर्णन किया गया है। तो भक्तों यदि आप भी पूरी श्रद्धा के साथ श्री दुर्गा चालीसा का पाठ नियमित रूप से करके माता दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप इस लेख के माध्यम से दुर्गा चालीसा को हिन्दी भाषा में पीडीएफ़ प्रारूप में फ्री में डाउनलोड करके इसका पाठ कर सकते हैं।

श्री दुर्गा चालीसा PDF / Durga Chalisa Lyrics in Hindi PDF

॥ चौपाई ॥

नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥

निराकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूँ लोक फैली उजियारी॥

शशि ललाट मुख महाविशाला।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥

रूप मातु को अधिक सुहावे।
दरश करत जन अति सुख पावे॥

तुम संसार शक्ति लय कीना।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥

अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥

प्रलयकाल सब नाशन हारी।
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥

रूप सरस्वती को तुम धारा।
दे सुबुद्धि ऋषि-मुनिन उबारा॥

धरा रूप नरसिंह को अम्बा।
प्रगट भईं फाड़कर खम्बा॥

रक्षा कर प्रह्लाद बचायो।
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
श्री नारायण अंग समाहीं॥

क्षीरसिन्धु में करत विलासा।
दयासिन्धु दीजै मन आसा॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
महिमा अमित न जात बखानी॥

मातंगी अरु धूमावति माता।
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥

केहरि वाहन सोह भवानी।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥

कर में खप्पर-खड्ग विराजै।
जाको देख काल डर भाजे॥

सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥

नगर कोटि में तुम्हीं विराजत।
तिहुंलोक में डंका बाजत॥

शुम्भ निशुम्भ दानव तुम मारे।
रक्तबीज शंखन संहारे॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥

रूप कराल कालिका धारा।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥

परी गाढ़ सन्तन पर जब-जब।
भई सहाय मातु तुम तब तब॥

अमरपुरी अरु बासव लोका।
तब महिमा सब रहें अशोका॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥

प्रेम भक्ति से जो यश गावै।
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥

शंकर आचारज तप कीनो।
काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥

शक्ति रूप को मरम न पायो।
शक्ति गई तब मन पछितायो॥

शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो।
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥

आशा तृष्णा निपट सतावे।
मोह मदादिक सब विनशावै॥

शत्रु नाश कीजै महारानी।
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥

करो कृपा हे मातु दयाला।
ऋद्धि-सिद्धि दे करहु निहाला॥

जब लगि जियउं दया फल पाऊं।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं॥

दुर्गा चालीसा जो नित गावै।
सब सुख भोग परमपद पावै॥

देवीदास शरण निज जानी।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥

दुर्गा चालीसा पाठ के लाभ / Durga Chalisa Benefits in Hindi

  • दुर्गा चालीसा का पाठ करने से घर में सुख-संपन्‍नता और शांति का वास होता है।
  • इस चालीसा का पाठ भक्तों को हर प्रकार के कष्टों एवं समस्याओं से बचाता है।
  • इस दिव्य चालीसा का जाप करने से व्यक्ति को मानसिक एवं आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
  • इसका पाठ करने से मनचाहे फल की प्राति होती है।
  • इसका जाप करके दुर्गा माँ को आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है।
  • जो व्यक्ति इसका प्रतिदिन श्रद्धा-भाव से पाठ करते हैं, उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
  • इस चालीसा का पाठ करने से मनुष्य के नकारात्मक विचार शीघ्र ही समाप्त हो जाते है।

दुर्गा चालीसा का पाठ कैसे करना चाहिए / How to Read Durga Chalisa

  • दुर्गा चालीसा का पाठ करने से लिए सर्वप्रथम स्नानादि करके स्वच्छ हो जाएँ।
  • इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  • अब लाल वस्त्र पर देवी माँ की प्रतिमा को स्थापित करें।
  • तत्पश्चात श्री दुर्गा चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
  • चालीसा संपन्न होने के पश्चात श्री दुर्गा माँ की आरती अवश्य करें।
  • क्योंकि बिना आरती के कोई भी पूजा-अर्चना सम्पूर्ण नहीं मानी जाती है।
  • आरती के पश्चात अंत में परिवार के साथ देवी माँ का आशीर्वाद ग्रहण करें।

नीचे दिये गए का उपयोग करके आप दुर्गा चालीसा PDF / Durga Chalisa PDF in Hindi को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। 


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