फीचर लेखन PDF

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फीचर लेखन PDF Details
फीचर लेखन
PDF Name फीचर लेखन PDF
No. of Pages 8
PDF Size 0.70 MB
Language English
CategoryEducation & Jobs
Source pdffile.co.in
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फीचर लेखन

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी के लिए फीचर लेखन PDF प्रदान करने जा रहे हैं। फीचर लेखन एक अच्छी पत्रकारिता को माना जाता है। फीचर लेखन समाचार पत्रों के लिए किया जाता है। यह किसी कहानी, उपन्यास की तरह ही कुछ बिंदुओं पर आधारित होता है जैसे – आरंभ, मध्य, चरम, समापन, भाषा – शैली, नेता तथा निष्कर्ष। फीचर लेखन का आरंभ किसी घटना, यात्रा आदि पर आधारित होता है।

एक उत्तम फीचर उसे ही माना जाता है जो उचित विषय पर आधारित हो, आकर्षक रूप में तथ्यों को प्रस्तुत कर सकें एवं शैली में शालीनता हो तथा पत्र-पत्रिका में अपनी पहचान बनाये रखे। आरंभ में पाठक को कुछ ऐसी घटना का विवरण करना चाहिए जिससे पूरा लेख पढ़ने की उत्सुकता पाठक के मन में बनी रहे। इसी विषय पर और अधिक जानने के लिए आप इस लेख को पूरा पढ़ें।

फीचर लेखन PDF / Feature Lekhan PDF – फीचर के प्रकार (Types of Features In Hindi)

फीचर पत्रकारिता की एक बहुत ही विस्तृत विधा है. विषयों की विविधता और विस्तार को देखते हुए फीचर को निम्नलिखित प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता हैं.

क्रमांक फीचर के प्रकार विवरण
1. समाचार फीचर– ऐसे फीचर जिनका सम्बन्ध सीधे ही किसी समाचार से होता है, उसे समाचार फीचर कहा गया है. आज आधिक्य फीचर समाचार आधारित होते हैं. इसमें लेखक प्रस्तावना में ही मूल समस्या का उल्लेख कलात्मक और कथात्मक ढंग से आरंभ करता है. दैनिक समाचार पत्रों के साथ साथ पत्रिकाओं के लिए ही इस तरह के फीचर आज की जरूरत बन चुके हैं.
2. मानवीय रुचिपरक फीचर- ऐसा माना जाता है कि मानवीय रुचियाँ एक समान नहीं होती हैं. सामूहिक रूप किसी समुदाय या समाज की सामान्यत रुचियों और व्यवहार में समानता के कतिपय बिंदु निर्धारित कर लिए जाते हैं. इन्हीं को  आधार  मान कर अभिरुचियों के विभिन्न पहलुओं पर लिखे गये फीचर मानवीय रुचिपरक फीचर कहलाते हैं.
3. व्याख्यात्मक फीचर- कभी कभी समाचार पत्रों के लिए प्रेषित समाचार ऐसे भी होते हैं जिनमें घटना अथवा तथ्यों की व्याख्या आवश्यक महसूस होती है. सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं धार्मिक स्थितियों की तथा विविध समस्याओं की भावनात्मक दृष्टि से विवेचना करते हैं ऐसे फीचर व्याख्यात्मक फीचर कहलाते हैं.
4. ऐतिहासिक फीचर- इतिहास के बारे में जानने की अभिरुचि मानव स्वभाव हैं. इसी जिज्ञासा वृत्ति और स्वाभाविक अभिरुचि के लिए तथ्याधारित कथात्मक प्रस्तुतिकरण ऐतिहासिक फीचर की श्रेणी में आते हैं.
5. विज्ञान फीचर– वर्तमान में पत्र पत्रिकाओं में विज्ञान सम्बन्धी समाचारों और नये आविष्कारों के बारे में जानकारी का प्रकाशन अब अनिवार्य सा हो गया हैं. विज्ञान की उपलब्धियों, खगोलीय घटनाओं, चिकित्सा जगत की नई खोजों, इंटरनेट व संचार क्रांति आदि से जुड़े विषयों आदि पर केन्द्रित फीचर इस श्रेणी में आते हैं. इस श्रेणी के फीचर लेखन के लिए एक विशेष प्रकार की विशेष्यज्ञता जरुरी समझी जाती हैं.
6. खेलकूद फीचर– समाचार पत्रों में खेल के पृष्ट युवा पीढ़ी के लिए काफी रुचिकर होते हैं. क्रीड़ा समीक्षक श्री विनोद श्रीवास्तव का कथन है कि खेलकूद का पृष्ट ही इस बात का प्रमाण है कि दिनचर्या का यह पक्ष समाचार पत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं. किसी राष्ट्रीय पर्व या स्थिति विशेष में भले ही पाठक की दृष्टि सम्बन्धित की ओर अधिक हो, किन्तु खेलकूद के प्रति रूचि व्यापक हैं. चाहे पाठक खिलाड़ी हो अथवा नहीं. अतः समाचारों से इतर खेल सम्बन्धी जानकारी को फीचर के स्वरूप किया जाता हैं.
7. पर्वोत्सवी फीचर– भारत विविधताओं का देश है जिसमें विविध परम्पराओं का समावेश हैं. समय समय पर समाज अथवा लोकजीवन में अनेक पर्वो और उत्सवों का आयोजन किया जाता हैं. कई उत्सव राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाते है तो अनेक क्षेत्रीय होती हैं, किन्तु प्रत्येक उत्सव का अपना एक उत्सव हैं और उसकी पृष्टभूमि में कोई कथा अथवा इतिहास भी जुड़ा हैं, इन्ही सब को वर्तमान के साथ जोड़कर प्रासंगिक बनाने का कार्य भी फीचर के रूप में किया जा सकता हैं.
8. विशेष घटनाओं पर आधारित फीचर– युद्ध, बाढ़, बम विस्फोट, हवाई दुर्घटना आदि पर आधारित फीचर किसी भी अखबार को विशिष्ट बना देते हैं. इस तरह के फीचर अब इलेक्ट्रानिक माध्यमों में भी खूब लोकप्रिय होने लगे हैं.
9. व्यक्तिगत फीचर– किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के व्यक्तित्व, कृतित्व या उसकी किसी सामयिक उपलब्धि पर आधारित फीचर इस श्रेणी में आते हैं.
10. खोजपरक अथवा छानबीन पर आधारित फीचर– इस श्रेणी में वे फीचर सम्मिलित हैं जिनके लेखन के लिए विशेष रूप से छानबीन की जाती हैं. तथ्यों की खोज की जाती हैं. और लोगों से पूछताछ की जाती हैं.
11. मनोरंजन फिल्म या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सम्बन्धित फीचर- इस तरह के फीचर भी काफी लोकप्रिय माने जाते हैं. क्योंकि ये सभी विषय मनोरंजन से सीधे साधे जुड़े हैं. फिल्म तो अपने आप में एक फीचर की ही विधा हैं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्सवों पर आधारित फीचर भी पाठकों और दर्शकों द्वारा पसंद किये जाते हैं.
12. जनरूचि के विषयों पर आधारित फीचर– इस तरह के फीचर स्थानीय पाठक अथवा दर्शकों की रूचि को देखते हुए लिखे जाते हैं. स्थानीय समस्याओं, महंगाई, सामाजिक विषयों आदि पर केन्द्रित फीचर इस श्रेणी में आते हैं.
13. फोटो फीचर– फीचर एक और लोकप्रिय विधा है फोटो फीचर. इसके तहत एक विषय पर आधारित विविध आयामों के साथ ली गई अनेक तस्वीरों का प्रयोग संक्षित मे उनका परिचय देकर सम्पूर्ण कहानी वर्णित की जा सकती हैं. वर्तमान में इस तरह का प्रयोग व्यापक स्तर पर हो रहा हैं.
14. इलेक्ट्रानिक माध्यमों के फीचर– रेडियो तथा टेलीवीजन समाचारों में भी अब फीचर का खूब इस्तेमाल हो रहा हैं, रेडियो रूपक तो पहले से ही लोकप्रिय थे. लेकिन अब टेलीवजन में समाचार चैनल भी फीचर का उपयोग करने लग गये हैं. डिस्कवरी और नेशनल जियोग्राफिकल चैनलों के फीचर तो किसी भी दर्शक को बाँध लेते हैं. विषयवस्तु पर आधारित वर्गीकरण के अलावा भी फीचर की अनेक अन्य श्रेणियां हैं. वर्तमान में ग्राफिक्स आधारित फीचर भी काफी लोकप्रिय हैं. व्यंग्य और हास्य चित्रों पर आधारित रूपक का भी अलग स्वरूप हैं. तिथियों पर आधारित रूपक भी कम महत्वपूर्ण नहीं होते हैं. प्रसिद्ध व्यक्तियों के जन्म दिन, जयंती, प्रमुख राष्ट्रीय और धार्मिक पर्व आदि पर लिखे जाने वाले फीचर इस श्रेणी में आते हैं.

फीचर की रचना और लेखन / Creating and Writing Features In Hindi

फीचर लेखन पत्रकारिता की एक ऐसी विधा है जिसमे लेखन को किसी खास सीमा मे नही बाधा जा सकता. फीचर रचना का मुख्य नियम यह है कि फीचर आकर्षक, तथ्यात्मक और मनोरजक होना चाहिए, मोटे तौर पर फीचर लेखन के लिए पाच मुख्य बातो का ध्यान रखा जाता है.

क्रमांक आवश्यक बिन्दु विवरण
1. तथ्यो का सग्रह– जिस विषय या घटना पर फीचर लिखा जाना है, उससे जुड़े, तथ्यों को एकत्र करना सबसे जरुरी काम है. जितनी अधिक जानकारी होगी, फीचर उतना ही उपयोगी और रोचक बनेगा. तथ्यो के सग्रह मे इस बात का भी खास ध्यान रखा जाना चाहिए कि तथ्य मूल स्रोत से जुटाए जाए और वह एकदम सही हो.
2. फीचर का उद्देश्य– फीचर लेखन का दूसरा महत्वपूर्ण बिदु फीचर के उद्देश्य का निर्धारण है. किसी घटना या विषय पर लिखे जाने वाले फीचर का उद्देश्य तय किये बिना फीचर लेखन स्पष्ट नही हो सकता.
3. प्रस्तुतीकरण– फीचर लिखने के लिए यह जरुरी चीज हैं. मुख्य रूप से फीचर लेखन में इस बात का महत्वपूर्ण तरीके से ध्यान रखना चाहिए कि फीचर मनोरन्जन के लिए हो. उसे सरल और आम बोलचाल में प्रयोग किया जाता हैं.
4. शीर्षक और आमुख– किसी भी समाचार अथवा फीचर के लेखन के लिए उसका शीर्षक और आमुख को अच्छे तरीके से लिखा जाना चाहिए. एक अच्छे फीचर में यह खूबी होनी चाहिए कि वह न सिर्फ पाठकों को आकर्षित करने योग्य हो बल्कि जिज्ञासा और सार्थक हो.
5. साज सज्जा– एक अच्छे फीचर लेखन में जब तक पूर्ण ना माना जाए कि वह जिसमें साज सज्जा ना हो. साथ ही एक अच्छे फीचर की विशेषता यह भी हैं कि इसमें उपयोग किये जाने वाले चित्र, रेखाचित्र और ग्राफिक्स आवश्यक पहलू हैं.

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