PDFSource

बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha PDF in Hindi

बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha Hindi PDF Download

बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha Hindi PDF Download for free using the direct download link given at the bottom of this article.

बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha PDF Details
बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha
PDF Name बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha PDF
No. of Pages 5
PDF Size 0.37 MB
Language Hindi
Categoryहिन्दी | Hindi
Source pdffile.co.in
Download LinkAvailable ✔
Downloads57
If बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha Hindi

नमस्कार मित्रों, आज हम आपको बुध प्रदोष व्रत कथा PDF / Budh Pradosh Vrat Katha PDF in Hindi के बारे में बताने जा रहे हैं। इस दिन पूजा-अर्चना और व्रत करने से भगवान शिव की विशेष कृपा होती हैं। बुधवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने के कारण इसे बुध प्रदोष व्रत कहते हैं। माना जाता हैं कि कलियुग में महादेव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत सबसे खास व्रतो में से एक हैं।

त्रियोदशी तिथि का व्रत शाम के समय किया जाता हैं इसी कारण से इसे प्रदोष व्रत कहते हैं। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा के जाती हैं। इस व्रत को करने से भगवान शिव अपने भक्तों की सारी मनोकामना पूरी करते हैं। यदि आप भी भगवान शिव को खुश करना चाहते हैं तो बुध प्रदोष व्रत का पालन श्रद्धापूर्वक अवश्य करें।

बुध प्रदोष व्रत की कथा PDF / Budh Pradosh Vrat Katha PDF in Hindi

बुध प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार, एक पुरुष का नया-नया विवाह हुआ। विवाह के 2 दिनों बाद उसकी पत्‍नी मायके चली गई। कुछ दिनों के बाद वह पुरुष पत्‍नी को लेने उसके यहां गया।

बुधवार को जब वह पत्‍नी के साथ लौटने लगा तो ससुराल पक्ष ने उसे रोकने का प्रयत्‍न किया कि विदाई के लिए बुधवार शुभ नहीं होता। लेकिन वह नहीं माना और पत्‍नी के साथ चल पड़ा। नगर के बाहर पहुंचने पर पत्‍नी को प्यास लगी। पुरुष लोटा लेकर पानी की तलाश में चल पड़ा। पत्‍नी एक पेड़ के नीचे बैठ गई।

थोड़ी देर बाद पुरुष पानी लेकर वापस लौटा, तब उसने देखा कि उसकी पत्‍नी किसी के साथ हंस-हंसकर बातें कर रही है और उसके लोटे से पानी पी रही है। उसको क्रोध आ गया।

वह निकट पहुंचा तो उसके आश्‍चर्य का कोई ठिकाना न रहा, क्योंकि उस आदमी की सूरत उसी की भांति थी। पत्‍नी भी सोच में पड़ गई। दोनों पुरुष झगड़ने लगे। भीड़ इकट्ठी हो गई। सिपाही आ गए।

हमशक्ल आदमियों को देख वे भी आश्‍चर्य में पड़ गए। उन्होंने स्त्री से पूछा ‘उसका पति कौन है?’ वह कर्तव्यविमूढ़ हो गई। तब वह पुरुष शंकर भगवान से प्रार्थना करने लगा- ‘हे भगवान! हमारी रक्षा करें। मुझसे बड़ी भूल हुई कि मैंने सास-ससुर की बात नहीं मानी और बुधवार को पत्‍नी को विदा करा लिया। मैं भविष्य में ऐसा कदापि नहीं करूंगा।’

जैसे ही उसकी प्रार्थना पूरी हुई, दूसरा पुरुष अंतर्ध्यान हो गया। पति-पत्‍नी सकुशल अपने घर पहुंच गए। उस दिन के बाद से पति-पत्‍नी नियमपूर्वक बुध त्रयोदशी प्रदोष का व्रत रखने लगे।

बुध प्रदोष व्रत के नियम / Budh Pradosh Vrat Ke Niyam

  • प्रदोष व्रत करने के लिए व्रती को त्रयोदशी के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए।
  • नहाकर भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए।
  • इस व्रत में भोजन ग्रहण नहीं किया जाता है।
  • गुस्सा या विवाद से बचकर रहना चाहिए।
  • प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
  • इस दिन सूर्यास्त से एक घंटा पहले नहाकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।
  • प्रदोष व्रत की पूजा में कुशा के आसन का प्रयोग करना चाहिए।

बुध प्रदोष व्रत पूजा विधि / Budh Pradosh Vrat Puja Vidhi

  1. स्नान आदि के बाद भगवान शिव का अभिषेक करें।
  2. पंचामृत का पूजा में इस्तेमाल करना चाहिए।
  3. भगवान शिव की धूप व दीपक से आरती करें।
  4. महादेव को भोग लगाएं।
  5. प्रदोष व्रत का संकल्प लें।
  6. प्रदोष व्रत के दिन व्रत व नियमों का पूरे दिन पालन करें।
  7. शाम को महादेव की पूजा करने के बाद आरती उतारें।
  8. अगले दिन व्रत का पारण करें।

You can download the Budh Pradosh Vrat Katha PDF by clicking the below download button.


बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha PDF Download Link

Report a Violation
If the download link of Gujarat Manav Garima Yojana List 2022 PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If बुध प्रदोष व्रत कथा | Budh Pradosh Vrat Katha is a copyright, illigal or abusive material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published.

हिन्दी | Hindi PDF