ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani PDF

ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani PDF Download

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ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani PDF Details
ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani
PDF Name ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani PDF
No. of Pages 12
PDF Size 1.30 MB
Language English
CategoryEducation & Jobs
Source pdffile.co.in
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ईदगाह कहानी PDF | Idgah Kahani

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी को ईदगाह कहानी PDF / Idgah Kahani PDF प्रदान करने जा रहे हैं। मुस्लिम धर्म में ईद का त्योहार बड़े ही धूमधाम एवं खुशी से मनाया जाता है। इस पोस्ट में हमने आपके लिए ईदगाह की कहानी का पूर्ण सारांश उपलब्ध किया है। यह अत्यंत ही रोचक एवं प्रसिद्ध कहानी है। इस पोस्ट के द्वारा आप Idgah Kahani PDF को फ्री में डाउनलोड  कर सकते हैं।

ईदगाह की कहानी प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद जी के द्वारा उर्दू भाषा में लिखी हुई कहानी है। प्रेमचंद जी एक महान लेखक थे। ये हिन्दी और उर्दू दोनों के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक थे। ईदगाह प्रेमचंद द्वारा लिखी गई सुप्रसिद्ध कहानियों में एक है, जिसमें एक अनाथ बालक की कहानी बताई गई है। यह कहानी 1938 में प्रकाशित हुई थी। अगर आप भी इस कहानी को पढ़ना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़ें।

ईदगाह कहानी PDF / ईदगाह कहानी का सारांश PDF

ईदगाह हामिद नाम के एक चार साल के अनाथ की कहानी है जो अपनी दादी अमीना के साथ रहता है। कहानी के नायक हामिद ने हाल ही में अपने माता-पिता को खो दिया है; हालाँकि उसकी दादी उसे बताती है कि उसके पिता पैसे कमाने के लिए चले गए हैं, और उसकी माँ उसके लिए सुंदर उपहार लाने के लिए अल्लाह के पास गई है। यह हामिद को आशा से भर देता है, और अमीना की गरीबी और उसके पोते की भलाई के बारे में चिंता के बावजूद, हामिद एक खुश और सकारात्मक सोच वाला बच्चा है।

कहानी ईद की सुबह शुरू होती है, जब हामिद गांव के अन्य लड़कों के साथ ईदगाह के लिए निकलता है। हामिद अपने दोस्तों के बगल में विशेष रूप से गरीब है, खराब कपड़े पहने और भूखा है, और त्योहार के लिए ईदी के रूप में केवल तीन पैसे हैं। अन्य लड़के अपनी पॉकेट मनी सवारी, कैंडी और मिट्टी के सुंदर खिलौनों पर खर्च करते हैं, और हामिद को चिढ़ाते हैं जब वह इसे क्षणिक आनंद के लिए पैसे की बर्बादी के रूप में खारिज कर देता है। जबकि उसके दोस्त आनंद ले रहे हैं, वह अपने प्रलोभन पर काबू पा लेता है और चिमटे की एक जोड़ी खरीदने के लिए एक हार्डवेयर की दुकान पर जाता है, यह याद करते हुए वह दुखी हो जाता था।…पूरी कहानी पढ़ने के लिए पीडीएफ़ डाउनलोड करें।

ईदगाह कहानी का सारांश लिखिए PDF / Idgah Story in Hindi PDF – Summary

  • हिंदी के उपन्यास सम्राट श्री प्रेमचंद की लिखी कहानी है ‘ईदगाह’ प्रेमचंद आदर्शोन्मुख यथार्थवादी कहानीकार हैं। इस कहानी के ज़रिए आप छात्रों में त्याग, सद्भाव, विवेक जैसे उत्तम गुणों का विकास करना चाहते हैं। साथ ही बडे बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा व आदर की भावना रखने की बात पर ज़ोर देते हैं।
  • हामिद चार – पाँच साल का दुबला – पतला, भोला – भाला लडका है। उसके माँ – बाप चल बसे हैं, वह अपनी बूढी दादी अमीना की परिवरिश में रहता है। उससे कहा गया है कि उसके माँ – बाप उसके लिए बहुत अच्छी चीजें लायेंगे।
  • हामिद एकदम अच्छा और आशावान लड़का है। उसके पैरों में जूते तक नहीं है।
  • आज ईद का दिन है। सारी प्रकृति सुखदायी और मनोहर है। हामिद के महमूद, मोहसिन, नूरे, सम्मी दोस्त हैं। सब बच्चे अपने पिता के साथ ईदगाह जानेवाले हैं। आमीना डर रही है कि अकेले हामिद को कैसे भेजे? हामिद के धीरज बँधाने पर वह हामिद को भेजने राजी होती है। जाते वक्त हामिद को तीन पैसे देती है। सब तीन कोस की दूरी परी स्थित ईदगाह पैदल जाते हैं।
  • वहाँ नमाज़ के समाप्त होते ही सब बच्चे अपने मनपसंद खिलौने और मिठाइयाँ खरीदकर खुश रहते हैं। हामिद तो खिलौनों को ललचायी आँखों से देखता है, पर चुप रहता है।
  • बाद लोहे की दुकान में अनेक चीजों के साथ चिमटे भी रखे हुए हैं, चिमटे को देखकर हामिद को ख्याल आता है कि बूढी दादी अमीना के पास चिमटा नहीं है। इसलिए तवे से रोटियाँ उतारते उसके हाथ जल जाते हैं। चिमटा ले जाकर दादी को देगा तो वह बहुत प्रसन्न होगी और उसकी उंगलियाँ भी नहीं जलेंगी।
  • ऐसा सोचकर दुकानदार को तीन पैसे देकर वह चिमटा खरीदता है। सब दोस्त उसका मज़ाक उडाते हैं। हामिद तो इसकी परवाह नहीं करता। घर लौटकर दादी को चिमटा देता है तो पहले वह नाराज़ होती है। मगर हामिद के तुम्हारी उंगलियाँ तवे से जल जाती थीं।इसलिए मैं इसे लिवा लाया कहने पर उसका क्रोध तुरंत स्नेह में बदल जाता है।
  • हामिद के दिल के त्याग, सद्भाव और विवेक गुण से उसका मन गद्गद् हो जाता है। हामिद को अनेक दुआएँ देती है और खुशी के आँसू बहाने लगती है।

ईदगाह कहानी PDF

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