PDFSource

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha PDF in Hindi

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha Hindi PDF Download

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha Hindi PDF Download for free using the direct download link given at the bottom of this article.

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha PDF Details
जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha
PDF Name जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha PDF
No. of Pages 5
PDF Size 0.58 MB
Language Hindi
CategoryEnglish
Download LinkAvailable ✔
Downloads17
If जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha Hindi

जीवित्पुत्रिका व्रत का त्यौहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस त्यौहार को जितिया और जिउतिया आदि नामों से भी जाना जाता है। अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से शुरू होने वाला ये व्रत दशमी के दिन पारण के साथ समाप्त होता है। सप्तमी को इस व्रत का शुभारंभ होता है और अष्टमी को महिलाएं इसका निर्जला व्रत रखतीं हैं।

इस व्रत को माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए रखती हैं। माना जाता है कि इस व्रत को करने से संतान निरोग और सुखी रहती है। यह व्रत मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतर किया जाता है। इस दौरान महिलाएं दिन भर व्रत रखतीं हैं और शाम को स्नान के पश्चात एक जगह जमा होकर कथा सुनती हैं।

जीवित्पुत्रिका व्रत पूजा विधि / Jivitputrika Vrat Katha Vidhi in Hindi PDF

सुबह स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करलें और भगवान जीमूतवाहन की पूजा करें। इस पूजा को करते समय कुशा से बनी जीमूतवाहन की प्रतिमा को धूप-दीप, चावल, पुष्प आदि अर्पित करें। इस व्रत में मिट्टी में गाय का गोबर मिलाकर उससे चील और सियारिन की मूर्ति भी बनाई जाती है। इन दोनों मूर्तियों के माथे पर लाल सिंदूर का टीका लगाया जाता है। पूजा समाप्त होने के बाद जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी जाती है। तीसरे दिन व्रत का पारण करने के बाद अपने हिसाब से दान और दक्षिणा भी देना चाहिए। इस व्रत में मान्यता है कि व्रत का पारण सूर्योदय के बाद गाय के दूध से ही करना चाहिए।

 

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा डाउनलोड करने के लिए आप नीचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करें।

जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha PDF in Hindi


जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha PDF Download Link

Report This
If the download link of Gujarat Manav Garima Yojana List 2022 PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If जीवित्पुत्रिका व्रत कथा | Jivitputrika Vrat Katha is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

Leave a Reply

Your email address will not be published.