PDFSource

महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha PDF in Hindi

महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha Hindi PDF Download

महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha Hindi PDF Download for free using the direct download link given at the bottom of this article.

महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha PDF Details
महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha
PDF Name महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha PDF
No. of Pages 7
PDF Size 0.95 MB
Language Hindi
CategoryEnglish
Source pdffile.co.in
Download LinkAvailable ✔
Downloads17
If महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha Hindi

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी को महागौरी माता की कथा PDF / Mahagauri Mata Ki Katha PDF in HIndi प्रदान करने जा रहे हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सनातन हिन्दू धर्म में नवरात्रि का पर्व अत्यंत ही प्रचलित एवं महत्वपूर्ण पर्व है। नवरात्रि के उत्सव का आठवाँ दिन माँ महागौरी को समर्पित होता है।

इस दिन महागौरी माता की बड़े ही विधि-विधान से पूजा–अर्चना की जाती है। कहा जाता है जो भी भक्त नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी माता का पूजन एवं व्रत श्रद्धापूर्वक करते हैं हैं उनके ऊपर महागौरी माता की असीम कृपा बनी रहती है। यदि आप भी अपने जीवन को सुखमय एवं शांतिपूर्ण बनाना चाहते हैं तो महागौरी माता का व्रत अवश्य करें।

व्रत के दिन महागौरी माता की कथा भी अवश्य पढ़नी अथवा श्रवण करनी चाहिए क्योंकि बिना कथा पढ़ें अथवा सुने व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिलता। माना जाता है कि जीवन में किसी भी प्रकार के कष्ट से अगर कोई जातक अत्यधिक परेशान हैं तो नवरात्रि के आठवें दिन पूर्ण विधि– विधान से माता महागौरी का पूजन एवं व्रत करने से शीघ्र लाभ मिलता है।

माँ महागौरी की कथा PDF / Maa Mahagauri Vrat Katha PDF in Hindi

नवरात्रि के आठवें दिन देवी महागौरी के रूप का पूजन किया जाता है। पौराणिक शिव पुराण की कथा के अनुसार, महागौरी जब मात्र आठ वर्ष की थी तभी से उन्हें अपने पूर्व जन्म की घटनाओं का स्पष्ट स्मरण होने लगा था।

उसी समय से उन्होंने भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में मान लिया और शिवजी को अपने पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या करनी भी आरंभ कर दी जिसके चलते देवी ने वर्षों तक घोर तपस्या की।

वर्षों तक निराहार तथा निर्जला तपस्या करने के कारण इनका शरीर काला पड़ गया। इनकी तपस्या को देखकर भगवान शिव प्रसन्न हो गए व उन्होंने इन्हें गंगा जी के पवित्र जल से पवित्र किया जिसके पश्चात् माता महागौरी विद्युत के समान चमक तथा कांति से उज्ज्वल हो गई।

इसके साथ ही वह महागौरी के नाम से विख्यात हुई।

महागौरी माता की आरती PDF / Mahagauri Mata Ki Aarti PDF

जय महागौरी जगत की माया।

जया उमा भवानी जय महामाया॥

हरिद्वार कनखल के पासा।

महागौरी तेरी वहां निवासा॥

चंद्रकली ओर ममता अंबे।

जय शक्ति जय जय माँ जगंदबे॥

भीमा देवी विमला माता।

कौशिकी देवी जग विख्यता॥

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।

महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥

सती {सत} हवन कुंड में था जलाया।

उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।

तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥

तभी माँ ने महागौरी नाम पाया।

शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।

माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।

महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥

महागौरी माता की पूजा विधि PDF / Mahagauri Mata Ki Puja Vidhi PDF

  • इस दिन सर्वप्रथम चौकी पर माता महागौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें।
  • चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें।
  • उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें।
  • इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा माता महागौरी सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें।
  • इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, – नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें।
  • तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें।
  • अगर आपके घर अष्‍टमी पूजी जाती है तो आप पूजा के बाद कन्याओं को भोजन भी करा सकते हैं।
  • ये शुभ फल देने वाला माना गया है।

महागौरी माता कवच PDF / Mahagauri Mata Kavach PDF

ॐकारः पातु शीर्षो माँ, हीं बीजम् माँ, हृदयो।

क्लीं बीजम् सदापातु नभो गृहो च पादयो॥

ललाटम् कर्णो हुं बीजम् पातु महागौरी माँ नेत्रम्‌ घ्राणो।

कपोत चिबुको फट् पातु स्वाहा माँ सर्ववदनो॥

Omkarah Patu Shirsho Maa, Him Bijam Maa, Hridayo।

Klim Bijam Sadapatu Nabho Griho Cha Padayo॥

Lalatam Karno Hum Bijam Patu Mahagauri Maa Netram Ghrano।

Kapota Chibuko Phat Patu Swaha Maa Sarvavadano॥

महागौरी माता प्रार्थना / Mahagauri Mata Prarthana PDF

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

Shwete Vrishesamarudha Shwetambaradhara Shuchih।

Mahagauri Shubham Dadyanmahadeva Pramodada॥

You may also like:

सोमवार व्रत कथा आरती PDF | Somvar Vrat Katha Aarti

वरुथिनी एकादशी व्रत कथा | Varuthini Ekadashi Vrat Katha

Vishnu Bhagwan Ki Vrat Ki Katha

रामायण कथा | Ramayan Katha Hindi

अक्षय तृतीया व्रत कथा PDF / Akshaya Tritiya Vrat Katha

कामदा एकादशी व्रत कथा PDF | Kamada Ekadashi Vrat Katha

कामदा एकादशी व्रत कथा & पूजा विधि PDF | Kamada Ekadashi Vrat Katha & Puja Vidhi

You can download Mahagauri Mata Ki Katha PDF in Hindi by clicking on the following download.


महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha PDF Download Link

Report This
If the download link of Gujarat Manav Garima Yojana List 2022 PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If महागौरी माता की कथा | Mahagauri Mata Ki Katha is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published.