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शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics PDF in Hindi

शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics Hindi PDF Download

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शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics PDF Details
शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics
PDF Name शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics PDF
No. of Pages 5
PDF Size 0.57 MB
Language Hindi
CategoryEnglish
Source pdffile.co.in
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शिव जी आरती | Shiv Aarti Lyrics Hindi

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हुम आप सभी को शिव जी आरती PDF / Shiv Aarti PDF in Hindi प्रदान करने जा रहे हैं। यह एक बहुत ही चमत्कारी और प्रभावशाली आरती है। यह दिव्य आरती देवों के देव महादेव भोलेनाथ जी को समर्पित है। भोलेनाथ को शंभू, महाकाल एवं त्रिकालदर्शी आदि नामों से जाना जाता है। हिन्दू धर्म में भगवान् शिव को बहुत अधिक मान्यता के साथ पूजा जाता है।

भगवान शिव को सृष्टि का संहारकर्ता कहा जाता है। यह मुख्य त्रिमूर्तियों में से एक हैं, जिनके नाम ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश (शिव) हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति भूत – प्रेत आदि सम्बंधित समस्याओं से पीड़ित हैं, तो भगवान् शिव की पूजा – आराधना करने से तत्काल ही इस समस्या से मुक्त हो जाता है। तो मित्रों अगर आप भी शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो शिव जी के पूजन के पश्चात उनकी आरती आवश्य करें, क्योंकि आरती के बिना पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है। शिव स्तुति से भी भगवन अत्यंत प्रशन्न होते है।

जो भी भक्त रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करते हैं उनसे भोलेनाथ बहुत प्रशन्न होते है। श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम् स्तोत्र का लगातार 11 बार पाठ करने से व्यक्ति की बुद्धि एवं ज्ञान में विशेष वृद्धि होती है। भक्तजनों को ॐ जय शिव ओमकारा आरती का गायन भी करना चाहिए वैसे भी यह भक्तों की प्रिय आरती है। जो भी शिव जी के बड़े भक्त हैं और महाशिवरात्रि का व्रत रखते है उन्हें इस दिन  विधि अनुसार महा शिवरात्रि अभिषेक भी करना चाहिए। शिव सूत्र ऐसे ग्रंथ हैं जो आध्यात्मिक पथ पर चलने वाले साधक को आत्म की ओर आंतरिक यात्रा शुरू करने में मदद करते हैं। शिव सहस्रनाम स्तोत्र हिंदू परंपरा में एक प्रकार का भक्तिपूर्ण भजन है जिसमें एक देवता के कई नाम सूचीबद्ध हैं। भोलेनाथ जी की पूजा-अर्चना कर के शिव जी आरती अवश्य करनी चाहिए तभी पूजा सफल होती है।

शिव आरती हिंदी में PDF | Shiv Aarti in Hindi PDF

ॐ जय शिव ओंकारा, भोले हर शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥

ॐ हर हर हर महादेव…॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।
तीनों रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भोले शशिधारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता।
जगकर्ता जगभर्ता जगपालन करता ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठि दर्शन पावत

रुचि रुचि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

लक्ष्मी व सावित्री, पार्वती संगा ।
पार्वती अर्धांगनी, शिवलहरी गंगा ।।

ॐ हर हर हर महादेव..।।

पर्वत सौहे पार्वती, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा ।।

ॐ हर हर हर महादेव..।।

जटा में गंगा बहत है, गल मुंडल माला।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला ।।

ॐ हर हर हर महादेव..।।

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥

ॐ हर हर हर महादेव..॥

ॐ जय शिव ओंकारा भोले हर शिव ओंकारा

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा ।।

ॐ हर हर हर महादेव….।।…

Shiv Aarti Lyrics in English PDF

Jai Shiv Omkaara, Om Jai Shiva Omkara,

Bramha, Vishnu, Sadashiv, Ardhangi Dhaara.

Om Jai Shiv Omkara

Ekaanan Chaturaanan Panchaanan Raje,

Hansaanan Garudaasan Vrishvaahan Saaje.

Om Jai Shiv Omkara

Do Bhuj Chaar Chaturbhuj Dasamukh Ati Sohe,

Trigun Rup Nirakhate Tribhuvan Jan Mohe.

Om Jai Shiv Omkara

Akshamaala Vanamaala Mundamaala Dhaari,

Tripuraari Kansaari Kar Maala Dhaari.

Om Jai Shiv Omkara

Shvetambar Pitambar Baaghambar Ange,

Sanakaadik Garunaadik Bhutaadik Sange.

Om Jai Shiv Omkara

Kar Ke Madhy Kamandalu Charka Trishuladhaari,

Sukhakaari Dukhahaari Jagapaalan Kaari.

Om Jai Shiv Omkara

Bramha Vishnu Sadaashiv Jaanat Aviveka,

Pranavaakshar Mein Shobhit Ye Tino Ekaa.

Om Jai Shiv Omkara

Lakshmi Va Saavitri Paarvati Sangaa,

Paarvati Ardhaangi, Shivalahari Gangaa.

Om Jai Shiv Omkaara

Parvat Sohe Parvati, Shankar Kailasa,

Bhang Dhatur Ka Bhojan, Bhasmi Mein Vaasa.

Om Jai Shiv Omkaara

Jataa Me Gang Bahat Hai, Gal Mundan Maala,

Shesh Naag Lipataavat, Odhat Mrugachaala.

Om Jai Shiv Omkaara

Kashi Me Viraaje Vishvanaath, Nandi Bramhchaari,

Nit Uthh Darshan Paavat, Mahimaa Ati Bhaari.

Om Jai Shiv Omkaara

Trigunasvamiji Ki Aarti Jo Koi Nar Gave,

Kahat Shivanand Svami Sukh Sampati Pave.

Om Jai Shiv Omkaara

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