PDFSource

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam PDF in Sanskrit

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam Sanskrit PDF Download

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam Sanskrit PDF Download for free using the direct download link given at the bottom of this article.

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam PDF Details
शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam
PDF Name शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam PDF
No. of Pages 2
PDF Size 0.15 MB
Language Sanskrit
CategoryEnglish
Download LinkAvailable ✔
Downloads17
If शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam Sanskrit

श्री रुद्राष्टकम् स्तोत्र गोस्वामी तुलसीदास द्वारा भगवान् शिव की स्तुति हेतु की गई रचना है। इसका उल्लेख श्री रामचरितमानस के उत्तर कांड में आता है कि भगवान श्री रामचंद्र ने त्रिलोक विजेता रावण से युद्ध करने से पहले रामेशवरम् में रुद्राष्टकम् स्तुति गा कर भगवान शिव की उपासना की।

भगवान शिव के वरदान से उन्हें लंकापति रावण पर विजय की प्राप्ति हुई। रुद्राष्टकम् स्तोत्र को भगवान शिव की स्तुति का सर्वोत्म उपाय माना जाता है। इसका पाठ करने से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक सोमवार को लयबद्ध रूप से रुद्राष्टकम् का पाठ करने से मनुष्य के सभी प्रकार के रोग-दोष और शत्रु-सकंट समाप्त हो जाते हैं। यदि आपको किसी शत्रु पर विजय प्राप्त करनी हो तो लगातार 7 दिन किसी भी शिव मंदिर में कुशा के आसन पर बैठ कर रुद्राष्टकम् स्तोत्र का विधिवत पाठ करें।

माना जाता है कि इस पाठ का श्रद्धापूर्वक जाप करने से आपकी आपके शत्रु पर विजय निश्चित है। रूद्राष्टकम् का पाठ व्यक्ति में ऊर्जा और शक्ति का संचार करता है तथा मन को एकाग्रचित्त बनाता है। जिससे बड़ी से बड़ी बाधा पार करना भी आसान हो जाता है।

भक्तजनों को ॐ जय शिव ओमकारा आरती का गायन भी करना चाहिए वैसे भी यह भक्तों की प्रिय आरती है। जो भी शिव जी के बड़े भक्त हैं और महाशिवरात्रि का व्रत रखते है उन्हें इस दिन  विधि अनुसार महा शिवरात्रि अभिषेक भी करना चाहिए। शिव सूत्र ऐसे ग्रंथ माने जाते हैं जो आध्यात्मिकता के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। शिव सहस्रनाम स्तोत्र हिंदू परंपरा में एक प्रकार का भक्तिपूर्ण भजन है जिसमें एक देवता के कई नाम सूचीबद्ध हैं। भोलेनाथ जी की पूजा-अर्चना कर के शिव जी आरती अवश्य करनी चाहिए तभी पूजा सफल होती है। श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र बहुत ही प्रभावशाली मंत्र है जिससे भोलेनाथ बहुत प्रशन्न होते हैं। रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र  एक ऐसा स्तोत्र है जो शिव जी को प्रशन्न करने के लिए रावण द्वारा गाया गया था।इसीलिए जो भी भक्त शिव जी को प्रशन्न करना चाहते हैं वो इसी स्तोत्र का गायन करते हैं। जो  भी भक्त श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम् का लगातार 11 बार पाठ करते हैं, भोलेनाथ उनकी बुद्धि एवं ज्ञान में विशेष वृद्धि करते हैं।

शिव रुद्राष्टकम स्तोत्रम संस्कृत | Shiv Rudrashtakam Stotram Sanskrit PDF

‘ॐ नमः शिवायः’ 

नमामीशमीशान निर्वाण रूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदः स्वरूपम्‌ ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाश माकाशवासं भजेऽहम्‌ ॥
निराकार मोंकार मूलं तुरीयं, गिराज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम्‌ ।
करालं महाकाल कालं कृपालुं, गुणागार संसार पारं नतोऽहम्‌ ॥
तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्‌ ।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा, लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥
चलत्कुण्डलं शुभ्र नेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्‌ ।
मृगाधीश चर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रिय शंकरं सर्वनाथं भजामि ॥
प्रचण्डं प्रकष्टं प्रगल्भं परेशं, अखण्डं अजं भानु कोटि प्रकाशम्‌ ।
त्रयशूल निर्मूलनं शूल पाणिं, भजेऽहं भवानीपतिं भाव गम्यम्‌ ॥
कलातीत कल्याण कल्पान्तकारी, सदा सच्चिनान्द दाता पुरारी।
चिदानन्द सन्दोह मोहापहारी, प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥
न यावद् उमानाथ पादारविन्दं, भजन्तीह लोके परे वा नराणाम्‌ ।
न तावद् सुखं शांति सन्ताप नाशं, प्रसीद प्रभो सर्वं भूताधि वासं ॥
न जानामि योगं जपं नैव पूजा, न तोऽहम्‌ सदा सर्वदा शम्भू तुभ्यम्‌ ।
जरा जन्म दुःखौघ तातप्यमानं, प्रभोपाहि आपन्नामामीश शम्भो ॥
रूद्राष्टकं इदं प्रोक्तं विप्रेण हर्षोतये
ये पठन्ति नरा भक्तयां तेषां शंभो प्रसीदति।। 
You can download Shiv Rudrashtakam PDF in Sanskrit by going through the following link.

शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam PDF Download Link

Report This
If the download link of Gujarat Manav Garima Yojana List 2022 PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If शिव रुद्राष्टकम | Shiv Rudrashtakam is a illigal, abusive or copyright material Report a Violation. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

Leave a Reply

Your email address will not be published.