योग के प्रकार PDF | Yoga Ke Prakar PDF in Hindi

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योग के प्रकार PDF | Yoga Ke Prakar PDF Details
योग के प्रकार PDF | Yoga Ke Prakar
PDF Name योग के प्रकार PDF | Yoga Ke Prakar PDF
No. of Pages 26
PDF Size 18.84 MB
Language Hindi
CategoryLifestyle
Source pdfsource.org
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योग के प्रकार PDF | Yoga Ke Prakar Hindi

नमस्कार मित्रों, आज इस लेख के माध्यम से हम आप सभी के लिए योग के प्रकार PDF / Yoga Ke Prakar in Hindi PDF प्रदान करने जा रहे हैं। जैसा कि सभी जानते ही होंगे कि योग हमारे शरीर, स्वास्थ्य एवं जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण माना गया है। दैनिक जीवन में योग करने से मानसिक शांति बनी रहती है और तनाव से छुटकारा मिलता है। जिससे कि दैनिक जीवन में प्रसन्नता का भाव उत्पन्न होता है।

प्रतिदिन योग करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। योग का महत्व का वर्णन पुस्तकों में ही नहीं वरन शास्त्रों में भी बहुत अधिक बताया गया है। मात्र नियमित रूप से योग करने पर वक्ती अनेकों प्रकार की खतरनाक बीमारी एवं रोगों से बचा रहता है। ऐसा देखा गया है कि योग न करने वाले व्यक्ति की अपेक्षा वह व्यक्ति अपने जीवन में अधिक प्रसन्न रहता है, जो अपने दैनिक जीवन में योग को महत्व देता है तथा प्रतिदिन योग करता है।

हमारे इस लेख के माध्यम से आज आप अनेकों प्रकार के योग के प्रकार और लाभ के बारे में हिन्दी में आसानी से जान पाएंगे जो कि आपके लिए बहुत ही लाभदायक एवं उपयोगी सिद्ध होंगे। जिन्हें करने से आप स्वस्थ एवं प्रसन्नता से भरपूर रहेंगे। तो मित्रों अगर योग के अलग-अलग प्रकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

योग के प्रकार PDF / Yoga Book PDF in Hindi

1. नमस्कार आसन (Namaskar Aasan) –

इस आसन को योग की शुरुआत में किया जाता है। इसमें सीधा खड़े होकर हाथ जोड़ना है। यह मुद्रा प्राथना की होती है।

2. व्रजासन (Vajrasana) –

इस योग मुद्रा में पांव को मोड़कर घुटने के बल बैठते है। यह आसन रीड की हड्डी के लिए लाभकारी है।

3. अर्ध चंद्रासन (Ardha Chandrasana) –

इस आसन में शरीर को आधे चांद की भांति घुमाया जाता है।

4. नटराज आसन (Natarajasana) –

नटराज आसन खड़े हुए किया जाता है। इस आसन से कंधे और फेफड़े मजबूत होते है।

5. गोमुख आसन (Gomukh Aasan) –

इस आसन को बैठकर किया जाता है। शरीर को सुडौल बनाने के लिए यह आसन किया जाता है।

6. सुखासन (Sukhasan) –

यह आसन भी बैठकर किया जाता है। इस आसन में नाक से सांस को लेना और छोड़ना होता है। सुखासन तनाव से मुक्ति देता है।

7. योगमुद्रासन (Yoga Mudrasana) –

इस आसन से मानसिक मजबूती और तनाव से मुक्ति मिलती है। इस आसन को बैठकर किया जाता है।

8. सर्वांगासन (Sarvangasana) –

इस आसन में लेटकर पैरो को ऊपर की और उठाते है। पेट और पैरों में मध्य 90 डिग्री का कोण बनता है। शारीरिक तौर पर मजबूती आती है। शरीर में रक्त संचार सुचारू होता है।

9. ताड़ासन (Tadasana) –

इस आसन को सीधे खड़े होकर किया जाता है। पैरो की उंगलियों पर खड़े होकर अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते है। यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है। लम्बाई बढ़ाने में यह सहायक है।

10. शवासन (Sawasan) –

इस आसन में निढाल होकर लेटते है। इसमें धीरे धीरे सांस ली जाती है। मन शान्त और ऐकाग्र होता है।

11. वृक्षासन (Vrikshasana) –

वृक्षासन खड़े होकर किया जाता है। इस आसन में दाहिने पैर को बांए पैर की जांघ पर रखते है। हाथों को ऊपर करके पार्थना की मुद्रा कर लेते है।

12. भुजंगासन (Bhujangasana) –

इस आसन को पेट के बल लेटकर करते है। हथेलियों को जमीन पर टिकाकर आसमान की और देखते है। गैस और एसिडिटी की समस्या में यह आसन लाभकारी है।

13. दंडासन (Dandasana) –

इस आसन को बैठकर किया जाता है। धड़ को सीधा और पैरों को फैलाकर बैठते है। इस आसन से पैर और हाथ मजबूत होते है।

14. उष्ट्रासन (Ustrasana) –

इस योग में ऊंट की मुद्रा बनानी होती है। घुटने पर बैठकर हाथों को पैर की उंगलियों पर स्पर्श करते है। इससे पाचन शक्ति बढ़ती है।

15. कोणासन (Konasana) –

कोणासन विधि को खड़े होकर करते है। इससे हाथ और पैर मजबूत होते है।

Yoga Ke Prakar in Hindi PDF / Yoga Ke Prakar in English PDF

English Hindi
Seated Forward Bend –
Pashchimotasan
पश्चिमोत्तानासन
Cobra pose – Bhujangasan भुजंगासन
Upward Shoulderstand –
Urdharv Sarvangasana
उर्ध्व सर्वांगासन
Plough pose – Halasan हलासन
Ear Pressure Pose –
Karnpidasan
कर्णपीड़ासन
Locust pose – Shalbhasan शलभासन
Bow pose – Dhanurasan धनुरासन
Camel pose – Ustrasan ऊष्ट्रासन
Wheel pose – Chakrasan चक्रासन
Head-to-Knee pose –
Janusirsasan
जानुशीर्षासन
Triangle pose – Trikonasan त्रिकोणासन
Fish pose – Matsyasan मत्स्यासन
Peacock pose – Mayurasan मयूरासन
Cow Face pose –
Gomukhasan
गोमुखासन
Half lord of the fishes pose –
Ardha Matsyendrasan
अर्ध मत्स्येंद्रासन
Gracious pose – Bhadrasan भद्रासन
Locked Lotus pose –
Baddh Padmasan
बद्ध पद्मासन
Lotus pose – Padmasan पद्मासन
Supported Headstand –
Shirshasan
शीर्षासन
Raised Leg Pose –
Uttanpadasan
उत्तानपादासन
Corpse pose – Shavasan शवासन

योग के प्रकार और फायदे / Yoga Ke Prakar Aur Fayde in Hindi

योग के लाभ

योग, व्यायाम के अन्य रूपों के विपरीत, जीवन का एक तरीका है। योग चमक, योग एब्स, योगिक शांति जैसे शब्द पिछले कुछ वर्षों में लोकप्रिय हो गए हैं। कोई व्यक्ति जो समय के साथ योग का अभ्यास करता है, उसके शरीर और वह कैसा महसूस करता है, इन दोनों बातों में बहुत बड़ा अंतर देखा जाता है।

योग के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • निरंतर योग करने से वजन कम होता है।
  • बेहतर रक्त परिसंचरण, जिससे त्वचा की गुणवत्ता और बनावट में सुधार होता है।
  • समग्र उम्र बढ़ने में देरी करता है और स्वभाव से चिकित्सीय है।
  • शारीरिक सहनशक्ति में सुधार करता है।
  • आंत के स्वास्थ्य और बेहतर पाचन के लिए अच्छा माना जाता है।
  • प्रजनन क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ाता है।
  • नींद के चक्र में सुधार करता है।
  • योग आपको शांत और खुश रखता है।
  • एकाग्रता में सुधार करता है।
  • तनाव कम करता है।
  • प्रतिरक्षा में सुधार करता है।

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